एलुमिनो-सिलिकेट सेनोस्फीयर/खोखले सिरेमिक माइक्रोस्फीयर
सेनोस्फीयर सिलिका और एल्यूमिना से बने हल्के, अक्रिय, खोखले गोले होते हैं जिनमें गैस भरी होती है। ये गैसें विद्युत उत्पादन के दौरान कोयले के दहन से प्राकृतिक रूप से उत्पन्न होती हैं। इनके गुणधर्म निर्मित गोलाकार उत्पादों के समान ही होते हैं। इसलिए इन्हें कांच के मनके, खोखले सिरेमिक गोले या माइक्रोस्फीयर भी कहा जाता है।
आकार सीमा 10 से 600 माइक्रोन तक है। 35 मेश, 40 मेश, 48 मेश, 50 मेश, 80 मेश, 100 मेश, 115 मेश, 150 मेश, 200 मेश.
रंगों की रेंज सफेद से लेकर हल्के भूरे रंग तक है।